•सेवा, संवेदना और भक्ति का अद्वितीय संगम, बच्चों की शिक्षा व जीवन सुधार में लगातार सहयोग
गोरखपुर। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व गोरखपुर में संवेदना और सेवा की मिसाल बन गया, जब राजकीय स्पर्श दृष्टिबाधित बालक विद्यालय, लाल डिग्गी परिसर में दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बैठकर शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया के सचिव डॉ. शिवशंकर शाही ने भक्ति और आनंद साझा किया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने अखंड नामस्मरण, भजन-कीर्तन और सामूहिक प्रीतिभोज का आयोजन किया जिसमें डॉ. शाही विशेष रूप से सम्मिलित हुए। डॉ. शिवशंकर शाही लंबे समय से इन बच्चों की शिक्षा और जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बच्चों को समय-समय पर मेमोरी चिप्स, कंबल और बेडशीट उपलब्ध कराए तथा हमेशा इस बात का ध्यान रखा कि किसी भी आर्थिक संकट के कारण उनकी पढ़ाई में बाधा न आए। दृष्टिबाधित होने के बावजूद ये बच्चे ब्रेल लिपि, मोबाइल और कंप्यूटर की मदद से आत्मनिर्भर होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और डॉ. शाही का सहयोग इसमें निर्णायक साबित हो रहा है। कार्यक्रम में डॉ. आर.के. पांडेय, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. जे.पी. जायसवाल, डॉ. ए.पी. गुप्ता, डॉ. बिपिन चंद चतुर्वेदी, डॉ. मनोज मौर्या समेत शहर के अनेक वरिष्ठ व प्रतिष्ठित सर्जन भी उपस्थित रहे और बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। इस सामूहिक भोज से बच्चों को समाज में आगे बढ़ने और डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस-पीसीएस की तरह उच्च पदों पर पहुँचने की प्रेरणा मिली। डॉ. शिवशंकर शाही ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ बच्चों का सहयोग करना नहीं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाना है, ताकि वे आने वाले समय में समाज की मुख्यधारा में खड़े होकर अपना योगदान दे सकें। जन्माष्टमी के साथ-साथ 15 अगस्त, 26 जनवरी और अन्य अवसरों पर भी वे इन बच्चों के बीच पहुँचकर निरंतर उनका उत्साहवर्धन करते रहते हैं।
