गोरखपुर। गोरखपुर के हिन्दू सुरक्षा सेवा संघ ने बंगाल में हो रहे हिन्दू विरोधी गतिविधियों के चलते राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में पूरा भारत पश्चिम बंगाल मे हो रहे हिन्दू अत्याचारों (लूट, हत्या बलात्कार,डकैती, आगजनी) से मर्माहत है। कभी पश्चिम बंगाल की पहचान आदिशक्ति मां जगत जननी महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा के विश्व प्रसिद्ध पूजन से एवं देश की आजादी के लिए अपना बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारियों के बलिदान से जाना जाता था। परंतु जिस प्रकार से वर्तमान सरकार का शासन आने के बाद एक दशक से हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार (लूट,हत्या,डकैती,बलात्कार,आगजनी) ने पूरे देश के सनातनियों के हृदय को द्रवित कर दिया है। यह अमानवीय कृत्य वर्तमान सरकार के संरक्षण में किया किया जा रहा है और प्रदेश की पुलिस अत्याचारियों के लिए सहयोगी साबित हो रही है। मुर्शिदाबाद की घटना यह बताती है कि भारतीय संस्कृति की नीव हिंदुओ को रक्त रंजित करने का षड्यंत्र है। ऐसे में पूरे भारत के हिंदू जनमानस में पश्चिम बंगाल की घटनाओं को लेकर के आक्रोश व्याप्त है। देश की आक्रोशित हिंदू जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए हिन्दू सुरक्षा सेवा संघ सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी महंत राजू दास आपसे मांग करता है कि तत्काल प्रभाव से पश्चिम बंगाल की सरकार को बर्खास्त करते हुए प्रदेश मे राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए जिससे हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर लगाम लगे।
ज्ञापन हिंदू सुरक्षा सेवा संघ महानगर के अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा पल्लू एडवोकेट की नेतृत्व में दिया गया।
उन्होंने कहा गोरक्षभूमि से निकली है आवाज, पश्चिम बंगाल सरकार बर्खास्त करो। उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान आदिशक्ति मां जगत जननी नेताजी सुभाष चंद्र बोष से पहचान बदलने वालों को जनता देगी कड़ी सजा।
ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा पल्लू एडवोकेट,महामंत्री पूजा गुप्ता, अखिलेश कुमार, विशाल गुप्ता, सुधीर यादव, अवध बिहारी, कसौधन, नवीन सिंह,विकास गुप्ता,राधेश्याम सिंह, रमन तिवारी, रजनीश सिंह बबलू, अनूप सोनी, दीपक जायसवाल, अभिषेक यादव, संदीप गुप्ता, पार्षद रामनाथ निषाद, अनिल सिंह श्रीनेत, हरेंद्र सिंह सत्यम आकाश कुशवाहा, रामनाथ पासवान पद्माकर शुक्ला, वारंट ऑफिसर दिलीप कुमार सिंह, वशिष्ठ पांडे सहित सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे उपस्थित रहे।
