गोरखपुर। लोकनृत्य के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रसिद्ध लोक कलाकार सुगम सिंह शेखावत को वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसके साथ ही भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा उन्हें जूनियर रिसर्च फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया है। इस दोहरी उपलब्धि ने न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे प्रदेश के कला जगत को गौरवान्वित किया है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस वार्ता में सुगम सिंह शेखावत ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि लोक कला, लोक संस्कृति और उन सभी गुरुजनों, परिवारजनों एवं सहयोगियों का सम्मान है, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह मुकाम हासिल हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा संस्कृति विभाग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
सुगम सिंह शेखावत पिछले एक दशक से लोक कला, लोकगीत और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय हैं। विशेष रूप से वटवागिया और मुसहर समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई 2026 को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल में गोरखपुर की लोक संस्कृति का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रगान के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर की 39 से अधिक भारतीय भाषाओं में 150 से अधिक प्रस्तुतियां होंगी। इस कार्यक्रम के गोरखपुर आयोजन की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।
सुगम सिंह शेखावत ने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को लोक कला से जोड़ना, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना और भारतीय लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने नागरिकों और मीडिया से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की।
“यह सम्मान मेरी नहीं, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति की जीत है। लोक परंपराओं को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही मेरा संकल्प है।” – सुगम सिंह शेखावत
