
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र नेता मनीष ओझा के नेतृत्व में गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर यूजीसी के नए नियम में चुपी साधे सवर्ण समाज के सभी जनप्रतिनिधियों को चूड़ी दिखाकर एवं यूजीसी के नए नियम की प्रतिलिपि जलाकर एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य मार्ग को घण्टों जाम कर अपना विरोध दर्ज किया।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र नेता मनीष ओझा ने विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर छात्रों के साथ जोरदार प्रदर्शन करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय मुख्य मार्ग को घण्टों जाम किया। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई । मनीष ओझा ने कहा कि सभी सवर्ण नेताओं को चाहे वह पक्ष के हो या विपक्ष के यूजीसी मामले पर उनका मौन धारण करने का मतलब है उन्हें चूडी पहन लेनी चाहिए। इसलिए आज हम सभी उनका विरोध चूड़ियां दिखाकर एवं ugc के नए कानून की प्रति जलाकर कर रहे हैं ।
ओझा ने कहा कि केंद्र की सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सामान्य वर्ग में देश को बाटकर देश में गृह युद्ध करना चाहती है। जिसे देश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। विपक्ष इसलिए चुप है कि दलित वर्ग नाराज ना हो जाए और उनका वोट बैंक ना खसक जाए। परंतु ऐसा नहीं है जिन दलित और ओबीसी में जनजागृतियां है। वह समझ रहे हैं कि यह कानून काला कानून है यह वापस होना चाहिए। इससे जातीय संघर्ष और बढ़ेगा और बच्चों का भविष्य और आपसी सौहार्द प्रभावित होगा।
साथ ही साथ सभी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के UGC के नए नियम पर रोक लगाने वाले आदेश पर धन्यवाद देते हुए कहा कि अभी हिंदुस्तान में न्याय जिंदा है। इस पर सभी छात्रों ने न्यायपालिका की सराहना की और धन्यवाद दिया।
विरोध प्रदर्शन करने वाले मे नारायण दत्त पाठक, सत्यम गोस्वामी, प्रतीक तिवारी, जतिन मिश्रा, आदित्य राय, आदर्श द्विवेदी, श्री ओम त्रिपाठी, अतुल तिवारी, देवब्रत राय, अश्वनी दुबे, मानवेंद्र दुबे, सक्षम पांडे, दिव्यांशु सिंह, वैभव पाठक आदि सैकड़ो छात्र उपस्थित रहे।
