
गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। नैक ए प्लस प्लस मान्यता, एनआईआरएफ रैंकिंग, QS Asia Ranking और THE Impact Ranking में लगातार बेहतर प्रदर्शन के परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है।
पाँच वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि
सत्र 2021–22 में कुल विद्यार्थी 14,151 थे, जिनमें 7,040 महिलाएँ और 7,111 पुरुष विद्यार्थी शामिल थे।
सत्र 2022–23 में कुल विद्यार्थियों की संख्या 15,853 हो गई, जिनमें 8,230 महिला और 7,623 पुरुष विद्यार्थी थे।
सत्र 2023–24 में यह संख्या बढ़कर 15,927 हुई, जिनमें 8,646 महिला और 7,281 पुरुष विद्यार्थी शामिल थे।
सत्र 2024–25 में कुल विद्यार्थी 16,950 रहे, जिनमें 9,440 महिलाएँ और 7,510 पुरुष विद्यार्थी थे।
वर्तमान सत्र 2025–26 में विश्वविद्यालय में कुल 18,855 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 10,530 महिला और 8,325 पुरुष विद्यार्थी हैं।
विश्वविद्यालय की छात्रोन्मुखी पहलों से विगत पांच वर्षों में कुल विद्यार्थियों में लगभग 33 प्रतिशत, महिला विद्यार्थियों में 49 प्रतिशत और पुरुष विद्यार्थियों में 17 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
पीएचडी छात्रों की संख्या भी सत्र 2021–22 में लगभग 500 से बढ़कर सत्र 2025–26 में करीब 1800 हो गई है।
इसके साथ ही नेपाल से आने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या और अमेरिका से नामांकित विद्यार्थियों की उपस्थिति ने विश्वविद्यालय की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत किया है।
विश्वविद्यालय की विद्यार्थी-केंद्रित पहलों ने इसे एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में प्रतिष्ठित किया है। प्रवेश, परीक्षा और परिणाम की संपूर्ण प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है।
महिला विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी
महिला विद्यार्थियों की संख्या पाँच वर्षों में 7,040 से बढ़कर 10,530 हो गई है, जो लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि है। स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी पाँच गुना बढ़ी है।
स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में चार गुना वृद्धि
स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या 2021–22 में 1,261 से बढ़कर 2025–26 में 5,547 हो गई है, जो चार गुना वृद्धि दर्शाती है।
विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में डेटा साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार और उद्यमिता जैसे रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित कोर्स प्रारंभ किए हैं। इन पाठ्यक्रमों की लोकप्रियता न केवल स्थानीय छात्रों में बल्कि नेपाल और अन्य राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों में भी स्पष्ट है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि
“विश्वविद्यालय आज अपने समर्पित शिक्षकों, प्रेरित छात्रों और विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण के कारण राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहा है। अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों की उपस्थिति, समयबद्ध परीक्षा प्रक्रिया, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों का विस्तार हमारे विश्वविद्यालय की नई दिशा को दर्शाता है।”
